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जब खाकी बनी बेटियों के सपनों की ताकत

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सिकंदरा पुलिस ने तीन मासूम बच्चियों को दिलाया स्कूल में दाखिला, शिक्षा की नई राह हुई रोशन…

आगरा। अक्सर पुलिस का नाम कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण के लिए लिया जाता है, लेकिन इस बार सिकंदरा पुलिस ने ऐसा मानवीय कार्य किया जिसने हर किसी का दिल जीत लिया। आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई से दूर हो रही तीन मासूम बच्चियों के सपनों को टूटने से बचाते हुए सिकंदरा पुलिस ने उनका स्कूल में दाखिला कराया। इतना ही नहीं, बच्चियों को किताबें, कॉपियां, पेंसिल, इरेजर और अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री भी उपलब्ध कराई, ताकि उनकी पढ़ाई बिना किसी बाधा के जारी रह सके। इस सराहनीय पहल का नेतृत्व थाना प्रभारी राजीव त्यागी ने किया। उनके साथ एसआई अजय जायसवाल भी मौजूद रहे और बच्चियों व उनके परिवार का हौसला बढ़ाया।

पुलिस अधिकारियों ने परिवार को भरोसा दिलाया कि शिक्षा ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी ताकत है और आर्थिक अभाव किसी भी बच्चे के सपनों के आड़े नहीं आने दिया जाएगा। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण बच्चियों का स्कूल जाना मुश्किल हो गया था। यह जानकारी सिकंदरा पुलिस तक पहुंची तो पुलिस टीम ने तुरंत पहल करते हुए बच्चियों का स्कूल में प्रवेश कराया। पुलिस की इस संवेदनशील पहल से परिवार की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। बेटियों के पिता ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि पुलिस इस तरह उनके परिवार की मदद करेगी। उन्होंने कहा, “अब मेरी बेटियां पढ़-लिखकर बड़ी अधिकारी बनेंगी।

सिकंदरा पुलिस ने सिर्फ उनका दाखिला नहीं कराया, बल्कि हमारे परिवार की उम्मीदों को नया जीवन दिया है।” इस प्रेरणादायक पहल की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब पुलिस कानून व्यवस्था के साथ-साथ समाज के कमजोर और जरूरतमंद लोगों के लिए भी आगे आती है, तो जनता का विश्वास और मजबूत होता है। सिकंदरा पुलिस की यह पहल इस बात का संदेश देती है कि खाकी केवल अपराधियों के लिए सख्त नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के लिए सहारा और उम्मीद की किरण भी है।

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