एटा। एटा साइबर थाना पुलिस एवं साइबर सेल ने बच्चों के यौन शोषण एवं दुर्व्यवहार से संबंधित ऑनलाइन सामग्री (CSEAM) के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एनसीआरपी पोर्टल पर प्राप्त एनसीएमईसी (National Center for Missing & Exploited Children) की साइबर टिपलाइन के आधार पर की गई। पुलिस के अनुसार, अमेरिका स्थित एनसीएमईसी द्वारा संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की सूचना भारत सरकार के इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) को भेजी गई थी। वहां से सूचना उत्तर प्रदेश पुलिस के माध्यम से एटा साइबर थाना एवं साइबर सेल को प्राप्त हुई। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने जलेसर क्षेत्र निवासी मुदित गुप्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ की और उसके कब्जे से दो मोबाइल फोन बरामद किए।
डिजिटल उपकरणों की जांच के दौरान पुलिस को एक नाबालिग बच्ची के यौन शोषण से संबंधित आपत्तिजनक वीडियो मिलने का दावा किया गया। इसके अतिरिक्त आरोपी के गूगल ड्राइव और अन्य डिजिटल स्टोरेज से 1000 से अधिक आपत्तिजनक वीडियो एवं फोटो भी बरामद हुए। पुलिस के अनुसार, बरामद सामग्री में बच्चों के यौन शोषण से संबंधित कंटेंट के अलावा महिलाओं और लड़कियों की तस्वीरों को एडिट कर तैयार की गई आपत्तिजनक सामग्री भी शामिल है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने कई ईमेल आईडी का उपयोग करने की बात स्वीकार की है। पुलिस इन सभी डिजिटल खातों, मोबाइल फोन और क्लाउड स्टोरेज की गहन जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस मामले में अन्य पीड़ित, किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता अथवा किसी बड़े नेटवर्क का संबंध तो नहीं है।
पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध पॉक्सो अधिनियम, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम तथा अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। बरामद इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। एटा पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है। डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यदि जांच में अन्य पीड़ितों या आरोपियों के संबंध में कोई तथ्य सामने आते हैं, तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।