आयशर ट्रक के केबिन में छिपाकर लाई जा रही थी करीब एक क्विंटल गांजे की खेप, हाथरस और अलीगढ़ में होनी थी सप्लाई; दो तस्कर गिरफ्तार
आगरा। सब कुछ किसी फिल्मी कहानी की तरह चल रहा था। उड़ीसा के संबलपुर से एक आयशर ट्रक रवाना हुआ। ऊपर से देखने पर यह एक सामान्य मालवाहक वाहन था, लेकिन उसके केबिन के भीतर छिपा था नशे का ऐसा जखीरा, जो पश्चिमी उत्तर प्रदेश के युवाओं की जिंदगी तबाह करने की तैयारी में था। तस्करों को पूरा भरोसा था कि उनका यह सफर बिना किसी रुकावट के पूरा हो जाएगा, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि आगरा की मलपुरा पुलिस पहले से उनकी हर गतिविधि पर नजर बनाए बैठी है।
मुखबिर से मिली सटीक सूचना के बाद मलपुरा थाना पुलिस ने इलाके में घेराबंदी कर दी। जैसे ही संदिग्ध आयशर ट्रक पुलिस के घेरे में पहुंचा, उसे रोक लिया गया। शुरुआती पूछताछ में चालक और उसके साथी ने खुद को सामान्य वाहन चालक बताकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन जब पुलिस ने ट्रक के केबिन की गहन तलाशी ली तो पूरा खेल खुल गया। केबिन के भीतर बेहद शातिर तरीके से छिपाकर रखा गया करीब एक क्विंटल गांजा बरामद हुआ। इतनी बड़ी खेप देखकर पुलिस टीम भी हैरान रह गई। मौके पर ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया और तस्करी में इस्तेमाल किया गया आयशर ट्रक जब्त कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने कई अहम खुलासे किए। उन्होंने बताया कि गांजे की यह खेप उड़ीसा के संबलपुर से लाई जा रही थी और इसे हाथरस तथा अलीगढ़ में अलग-अलग तस्करों तक पहुंचाया जाना था। पुलिस को आशंका है कि यह कोई छोटा-मोटा गिरोह नहीं, बल्कि कई राज्यों में फैला एक संगठित नशा तस्करी नेटवर्क है। अब पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, बैंक लेनदेन और संपर्क सूत्रों की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस खेप का असली मास्टरमाइंड कौन है, माल किसने भेजा और किन लोगों तक इसकी सप्लाई होनी थी। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि इस कार्रवाई के बाद कई और बड़े तस्करों के नाम सामने आ सकते हैं।
मलपुरा थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई को आगरा पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। यदि यह खेप अपने गंतव्य तक पहुंच जाती तो हजारों युवाओं तक नशा पहुंच सकता था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने तक कार्रवाई नहीं रुकेगी। एक सूचना, सटीक घेराबंदी और पुलिस की मुस्तैदी ने इस बार नशे के सौदागरों की पूरी साजिश को रास्ते में ही ध्वस्त कर दिया।