आगरा। स्मार्ट सिटी बनने का दावा करने वाले आगरा में सड़कें अब लोगों की सुविधा नहीं, बल्कि परेशानी और हादसों की वजह बनती जा रही हैं। ताजा मामला कमला नगर क्षेत्र का है, जहां सुभाष नगर से कर्मयोगी एन्क्लेव जाने वाले मार्ग पर एक पेंट की दुकान के पास सड़क धंस गई है। सड़क धंसने से यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक मूकदर्शक बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के बाद सड़क की हालत और भी खराब हो गई है। दिन में तो किसी तरह वाहन चालक धंसी हुई सड़क को देखकर बच निकलते हैं, लेकिन रात के समय यह जगह जानलेवा साबित हो सकती है। सबसे अधिक खतरा दोपहिया वाहन चालकों और स्कूली बच्चों को है।
सबसे बड़ा सवाल नगर निगम के अधिकारियों से है कि क्या आगरा की सड़कें अब गड्ढों में बदल चुकी हैं, या फिर गड्ढों के बीच कहीं-कहीं सड़क बची है? करोड़ों रुपये सड़क निर्माण और मरम्मत पर खर्च होने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। यदि समय रहते इस धंसी हुई सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो किसी बड़े हादसे की जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या नगर निगम किसी अनहोनी का इंतजार कर रहा है? आखिर जनता की सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं पर इतनी लापरवाही क्यों?
स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि धंसी हुई सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए, मौके पर बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत लगाए जाएं तथा संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो। जब तक सड़क दुरुस्त नहीं होती, सुभाष नगर से कर्मयोगी एन्क्लेव जाने वाले सभी वाहन चालक बेहद सावधानी से वाहन चलाएं। एक छोटी-सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है।