आगरा-फिरोजाबाद बॉर्डर पर पुलिस का बड़ा ऑपरेशन, पांच शातिर असलहा तस्कर गिरफ्तार, तमंचे, पिस्टल, अधबने हथियार, सैकड़ों पुर्जे, गैस सिलेंडर और पूरी मिनी फैक्ट्री बरामद; आगरा, फिरोजाबाद और एटा तक फैला था नेटवर्क
आगरा। अपराध की दुनिया में लौटने का इरादा कितना खतरनाक हो सकता है, इसका खुलासा आगरा कमिश्नरेट पुलिस की ताजा कार्रवाई में हुआ। आगरा-फिरोजाबाद बॉर्डर पर छोटा सुरेरा के जंगल में तालाब के किनारे सुनसान इलाके में अवैध असलहा बनाने की फैक्ट्री संचालित की जा रही थी। यहां दिन-रात तमंचे और पिस्टल तैयार किए जाते थे और मांग के अनुसार अपराधियों तक उनकी सप्लाई की जाती थी। थाना एत्मादपुर पुलिस, साइबर सर्विलांस, काउंटर इंटेलिजेंस और एसओजी (पश्चिमी जोन) की संयुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापा मारकर फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया और पांच शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पूरी कार्रवाई पुलिस आयुक्त के निर्देशन, अपर पुलिस आयुक्त के मार्गदर्शन, प्रभारी पुलिस उपायुक्त पश्चिमी के पर्यवेक्षण तथा एसीपी एत्मादपुर देवेश कुमार सिंह के नेतृत्व में की गई। मुखबिर से सूचना मिली थी कि छोटा सुरेरा के जंगल में बड़े पैमाने पर अवैध हथियार बनाए जा रहे हैं। सूचना मिलते ही संयुक्त टीम ने इलाके की घेराबंदी कर दी। पुलिस की दबिश पड़ते ही आरोपी भागने का प्रयास करने लगे, लेकिन टीम ने चारों ओर से घेरकर सभी को मौके पर ही दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शुभम शर्मा निवासी धूलियागंज (आगरा), आदिल निवासी करीमगंज (फिरोजाबाद), राशिद हुसैन निवासी मक्का कॉलोनी (फिरोजाबाद), आसिफ निवासी मक्का कॉलोनी (फिरोजाबाद) और प्रिंस नागवाड़ी निवासी कालिंदी विहार (आगरा) के रूप में हुई है।
पुलिस ने मौके से पांच अवैध देशी तमंचे .315 बोर, दो अवैध देशी तमंचे 12 बोर, एक देशी पिस्टल .32 बोर, दो देशी पौनिया, विभिन्न बोर के 20 कारतूस, अर्धनिर्मित हथियार, तीन एलपीजी गैस सिलेंडर, तीन मोबाइल फोन, नकदी तथा हथियार बनाने की पूरी वर्कशॉप बरामद की। इसके अलावा ड्रिल मशीन, ग्राइंडर, पाइप रिंच, रेती, हथौड़ी, प्लास, पेचकश, गैस बर्नर, स्प्रिंग, ट्रिगर, नाल, इजेक्टर, बॉडी, लोहे के पुर्जे और हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाले सैकड़ों अन्य उपकरण भी जब्त किए गए।
जंगल में बनते थे हथियार, ऑर्डर मिलते ही होती थी सप्लाई
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे जंगल के सुनसान इलाके में तमंचे और पिस्टल तैयार करते थे। इसके साथ ही पुराने हथियारों की मरम्मत भी यहीं की जाती थी। तैयार हथियारों को पहले से तय ग्राहकों तक पहुंचाया जाता था। मांग के अनुसार अलग-अलग जिलों में सप्लाई की जाती थी और उससे मिलने वाली रकम सभी आरोपी आपस में बांट लेते थे। पूछताछ में एक और बड़ा खुलासा हुआ। शुभम शर्मा और आदिल पहले भी अवैध असलहा निर्माण के मामले में जेल जा चुके हैं। जमानत पर रिहा होने के बाद दोनों ने अपराध से दूरी बनाने के बजाय अपने पुराने नेटवर्क को फिर सक्रिय किया और नए साथियों को जोड़कर दोबारा अवैध हथियार बनाने का धंधा शुरू कर दिया। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इनके संपर्क किन-किन अपराधियों और गैंग से थे तथा अब तक कितने हथियार तैयार कर बाजार में पहुंचाए जा चुके हैं।
आगरा से एटा और फिरोजाबाद तक फैला था नेटवर्क
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी आगरा, फिरोजाबाद, एटा सहित आसपास के जिलों में हथियारों की सप्लाई करते थे। पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह कई आपराधिक वारदातों में इस्तेमाल होने वाले हथियार उपलब्ध करा चुका है। इसी कारण अब पुलिस इनके मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और वित्तीय लेनदेन की भी गहन जांच कर रही है। कई अन्य संदिग्धों को भी रडार पर लिया गया है।
एसीपी एत्मादपुर देवेश कुमार सिंह ने बताया कि मुखबिर की सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने छोटा सुरेरा के जंगल में कार्रवाई की। मौके से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर अवैध असलहा निर्माण फैक्ट्री का खुलासा किया गया है। भारी मात्रा में तैयार और अर्धनिर्मित हथियार, हथियार बनाने के उपकरण तथा अन्य सामान बरामद हुआ है। आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। उनके नेटवर्क, हथियारों की खरीद-फरोख्त और इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।