आगरा। विश्व प्रसिद्ध ताजमहल पर गुरुवार शाम उस समय एक भावुक कर देने वाला दृश्य देखने को मिला, जब अपने परिजनों के साथ ताजमहल घूमने आई तीन वर्षीय मासूम बच्ची भीड़ में बिछड़ गई। बच्ची को अकेले रोता देख ताज सुरक्षा पुलिस की क्विक रिस्पांस टीम तुरंत सक्रिय हो गई। पुलिस ने महज 20 मिनट के भीतर बच्ची के परिजनों का पता लगाकर उसे सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई की पर्यटकों और परिजनों ने सराहना की। जानकारी के अनुसार गुरुवार शाम करीब 4:30 बजे ताजमहल के पश्चिमी गेट के पास तैनात ताज सुरक्षा पुलिस की क्विक रिस्पांस टीम को करीब तीन वर्षीय बच्ची ईपरा रोती हुई मिली। पूछताछ में पता चला कि बच्ची आगरा की असद गली से अपने परिजनों के साथ ताजमहल घूमने आई थी और भीड़ के बीच उनसे बिछड़ गई थी।
प्रभारी निरीक्षक तिलक राम भाटी के निर्देशन में पुलिस टीम ने तत्काल बच्ची को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। इसके बाद ताजमहल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, रेडियो अनाउंसमेंट और आरटी सेट संदेशों के माध्यम से परिजनों की तलाश शुरू की गई। पुलिस के समन्वित प्रयासों से महज 20 मिनट के भीतर बच्ची के परिजनों का पता लगा लिया गया और पहचान सुनिश्चित करने के बाद मासूम को सकुशल उनके हवाले कर दिया गया। अपनी बच्ची को सुरक्षित पाकर परिजनों की आंखें खुशी से नम हो गईं।
उन्होंने ताज सुरक्षा पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय व्यवहार की सराहना करते हुए पूरी टीम का आभार व्यक्त किया। इस सराहनीय कार्य में उ0नि0 शिवराज सिंह, मुख्य आरक्षी किरणपाल सिंह, आरक्षी दुर्गेश कुमार और महिला आरक्षी गुड्डी देवी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। ताज सुरक्षा पुलिस ने एक बार फिर साबित किया कि ऐतिहासिक धरोहर की सुरक्षा के साथ-साथ पर्यटकों की सुरक्षा और सहायता भी उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।