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आगरा के पूर्व एआरटीओ पर विजिलेंस का बड़ा शिकंजा: घर से 1.62 करोड़ नकद, 22 किलो सोना-चांदी और करोड़ों की संपत्ति का खुलासा

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आगरा। आगरा में तैनात रह चुके पूर्व सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) ललित कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस ने बड़ी कार्रवाई की है। लखनऊ के अलीगंज स्थित चंद्रलोक कॉलोनी में उनके आवास पर छापेमारी के दौरान करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्ति का खुलासा हुआ। जांच टीम को घर से भारी मात्रा में नकदी, सोने-चांदी की ईंटें, बिस्किट और आभूषण मिलने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। विजिलेंस की टीम ने कई घंटों तक चली तलाशी के दौरान घर के अलग-अलग कमरों और स्थानों से करीब 1 करोड़ 62 लाख रुपये नकद बरामद किए। बताया जा रहा है कि नकदी को अलग-अलग पैकेटों में छिपाकर रखा गया था। इसके अलावा करीब 13 किलो सोना, जिसमें सोने की ईंटें, बिस्किट और आभूषण शामिल हैं, तथा करीब 9 किलो चांदी, जिसमें चांदी की ईंटें और बार शामिल हैं, भी बरामद किए गए। कुल मिलाकर 22 किलो सोना-चांदी मिलने की बात सामने आई है।

प्रारंभिक जांच में नकदी, सोना-चांदी और अन्य संपत्तियों का मूल्य 20 करोड़ रुपये से अधिक आंका गया है। हालांकि, विजिलेंस का कहना है कि सभी संपत्तियों का अंतिम मूल्यांकन और सत्यापन अभी किया जा रहा है, जिसके बाद वास्तविक आंकड़ा सामने आएगा। जांच के दौरान यह भी पता चला कि पूर्व एआरटीओ ललित कुमार के नाम पर अलीगंज में एक आलीशान मकान है। इसके अलावा अलीगंज में दो बड़े प्लॉट, मोहनलालगंज और बालागंज में एक-एक प्लॉट तथा मोहनलालगंज क्षेत्र में कृषि भूमि भी मिली है। इन अचल संपत्तियों की कीमत भी करोड़ों रुपये बताई जा रही है। जांच एजेंसियां अब इन संपत्तियों की खरीद के स्रोत और उनसे जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर रही हैं।

सूत्रों के अनुसार, विजिलेंस को लंबे समय से ललित कुमार की आय की तुलना में कहीं अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायतें मिल रही थीं। प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद आय से अधिक संपत्ति का मुकदमा दर्ज किया गया और इसके बाद छापेमारी की कार्रवाई की गई। अब विजिलेंस की जांच केवल बरामद नकदी और आभूषणों तक सीमित नहीं रहेगी। जांच एजेंसी उनके बैंक खातों, लॉकरों, निवेश, संपत्तियों की खरीद, परिवार के सदस्यों के नाम पर दर्ज संपत्तियों और अन्य वित्तीय लेन-देन की भी गहन जांच करेगी। यदि जांच में यह साबित होता है कि संपत्ति अवैध आय से अर्जित की गई है, तो भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी।

आगरा में लंबे समय तक परिवहन विभाग में तैनात रहे ललित कुमार के खिलाफ हुई इस कार्रवाई की चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है। परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल विजिलेंस की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों और दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई को प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।

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