आगरा। थाना फतेहपुर सीकरी क्षेत्र की एक महिला ने पुलिस कमिश्नर और जिलाधिकारी से शिकायत कर एक युवक पर लव जिहाद में फंसाने, धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने, मारपीट करने, मकान पर अवैध कब्जा करने और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला ने मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई, मकान से कब्जा हटवाने और स्वयं व अपने बेटे की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। मोहल्ला सराय चूहर निवासी रेखा पुत्री बाबूलाल द्वारा दिए गए शिकायती पत्र के अनुसार, चूड़ी बाजार निवासी गुलशेर पुत्र वफाती ने वर्षों पहले उसे प्रेम संबंध के नाम पर अपने जाल में फंसाया। महिला का आरोप है कि बाद में उससे एक पुत्र भी हुआ और इसके बाद आरोपी उस पर लगातार धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाने लगा।
महिला का कहना है कि धर्म परिवर्तन से इनकार करने पर आरोपी और उसके परिजनों ने उसके साथ मारपीट की। उसने दावा किया कि वर्ष 2022 से 2023 के बीच इस मामले में थाना फतेहपुर सीकरी में तीन मुकदमे दर्ज हुए थे, जिनमें भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराएं शामिल हैं। शिकायत में महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि 20 दिसंबर 2025 को आरोपी ने धोखे से उसके नाम एक मकान का बैनामा कराया और बाद में उसी मकान पर जबरन कब्जा कर लिया। महिला का कहना है कि आरोपी अपनी मां, बहन और अन्य लोगों के साथ वहां रह रहा है। उसने यह भी आरोप लगाया कि मकान में गलत गतिविधियां संचालित की जाती हैं। महिला के अनुसार, सूचना मिलने पर डायल 112 पुलिस ने पूर्व में वहां पहुंचकर एक युवती को बरामद भी किया था।
महिला का आरोप है कि जब भी वह अपने मकान का कब्जा मांगने जाती है, आरोपी पक्ष उसे और उसके छह वर्षीय बेटे को जान से मारने की धमकी देता है। साथ ही उसके बेटे के आधार कार्ड और स्कूल में प्रवेश के लिए भी धर्म परिवर्तन की शर्त रखी जा रही है। पीड़िता ने बताया कि उसने 23 मई 2026 को जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने पुलिस कमिश्नर और जिलाधिकारी से मिलकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच, आरोपी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई, मकान से अवैध कब्जा हटवाने और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की है। फिलहाल यह आरोप पीड़िता द्वारा शिकायत पत्र में लगाए गए हैं। मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया या जांच का निष्कर्ष सामने नहीं आया है। पुलिस द्वारा जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि या खंडन हो सकेगा।