आगरा/फतेहपुर सीकरी। नौ दिनों से अपनों की आंखों से नींद और घर से खुशियां गायब थीं। हर गुजरते दिन के साथ 12 वर्षीय मनु राजपूत के परिजनों की बेचैनी बढ़ती जा रही थी। लेकिन शुक्रवार को उस इंतजार का अंत हुआ, जब कमिश्नरेट आगरा पुलिस, साइबर/सर्विलांस और काउंटर इंटेलीजेंस टीम की संयुक्त कार्रवाई में मनु को सकुशल बरामद कर लिया गया। जैसे ही बेटी के सुरक्षित मिलने की खबर गांव पहुंची, पूरे परिवार की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े और गांव में राहत की लहर दौड़ गई। थाना फतेहपुर सीकरी क्षेत्र के ग्राम पंचायत कराही के मजरा नगला रमले निवासी 12 वर्षीय मनु राजपूत पुत्री सतीश चंद्र लोधी राजपूत 9 जुलाई 2026 को घर से लापता हो गई थी। परिजनों की शिकायत पर 12 जुलाई को थाना फतेहपुर सीकरी में मु0अ0सं0 234/2026 के तहत धारा 137(2) बीएनएस में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस आयुक्त आगरा के निर्देश पर प्रभारी पुलिस उपायुक्त पश्चिमी और एसीपी अछनेरा के पर्यवेक्षण में विशेष टीमों का गठन किया गया।
सीसीटीवी, सर्विलांस और मुखबिर तंत्र से मिला सुराग
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना फतेहपुर सीकरी पुलिस के साथ साइबर सेल, सर्विलांस और काउंटर इंटेलीजेंस टीम को भी जांच में लगाया गया। पुलिस ने आगरा से लेकर राजस्थान के भरतपुर और धौलपुर तक सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। मोबाइल लोकेशन, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र के जरिए लगातार सुराग जुटाए गए। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मनु पहले आगरा के शाहगंज क्षेत्र पहुंची थी, जहां उसका मौसा प्रदीप पुत्र गोटेलाल उर्फ अरोड़ा उसे अपने साथ सिकंदरा थाना क्षेत्र के शास्त्रीपुरम स्थित आवास पर ले गया। बाद में उसे धौलपुर ले जाया गया। पुलिस का कहना है कि बालिका के वहां होने की जानकारी होने के बावजूद इसकी सूचना पुलिस को नहीं दी गई।
दक्षिणी बाईपास से सकुशल बरामद, मौसा गिरफ्तार
17 जुलाई को मुखबिर की सटीक सूचना पर गठित पुलिस टीम ने आगरा के दक्षिणी बाईपास, धौलपुर रोड क्षेत्र में घेराबंदी की। यहां से मनु को सकुशल बरामद कर लिया गया, जबकि उसे बहला-फुसलाकर ले जाने के आरोप में उसके मौसा प्रदीप पुत्र गोटेलाल, निवासी त्रिकोनिया पार्क, शास्त्रीपुरम (मूल निवासी मनिया, धौलपुर, राजस्थान) को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी रिश्ते का मौसा है और उसने बालिका को बहला-फुसलाकर अपने साथ रखा था। मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
कई लोगों की भूमिका जांच के दायरे में
पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में कुछ परिजनों की भूमिका भी सामने आई है। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता के साक्ष्य मिलते हैं तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की विवेचना जारी है।
164 के बयान के बाद परिजनों को सौंपी जाएगी बालिका
थाना प्रभारी निरीक्षक आनंद वीर सिंह ने बताया कि मनु पूरी तरह सुरक्षित है। उसका चिकित्सीय परीक्षण कराया जाएगा तथा न्यायालय में धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराए जाएंगे। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद बालिका को परिजनों के सुपुर्द कर दिया जाएगा।
गांव में खुशी, पुलिस की सराहना
मनु की सकुशल बरामदगी के बाद नगला रमले गांव में राहत और खुशी का माहौल है। पिछले नौ दिनों से गांव के लोग लगातार उसकी सलामती की दुआ कर रहे थे। बच्ची के मिलने की खबर मिलते ही ग्रामीणों ने पुलिस टीम का आभार जताया। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष जितेंद्र फौजदार, सुरेंद्र चौधरी, अरविंद चाहर, मुकेश डागुर, लाल सिंह लोधी, प्रधान भूदेव पहलवान, शिशु प्रधान, गोविंद प्रधान सहित अनेक ग्रामीणों ने थाना फतेहपुर सीकरी पुलिस, साइबर टीम और सर्विलांस टीम की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस की सतर्कता और लगातार प्रयासों से एक परिवार की खुशियां लौट आईं।
पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
इस सफल कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक आनंद वीर सिंह, उ0नि0 राजकुमार गोस्वामी, राकेश कुमार, गौरव मलिक, दिलशाद खान, विनीत तथा साइबर/सर्विलांस और काउंटर इंटेलीजेंस टीम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और जो भी व्यक्ति इस प्रकरण में दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।