पहले दिन 470 प्रतिभागियों और विजिटर्स ने की सहभागिता, 26 प्रदर्शकों की AI टेक्नोलॉजी प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र
आगरा।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के प्रति युवाओं, उद्योग जगत, शिक्षण संस्थानों और स्टार्टअप इकोसिस्टम का बढ़ता उत्साह शुक्रवार को जेपी पैलेस होटल एंड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित AI FutureReady Conclave 2026 में देखने को मिला। कॉर्पोरेट काउंसिल फॉर लीडरशिप एंड अवेयरनेस (CCLA) एवं एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय कॉन्क्लेव का शुभारंभ डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा की कुलपति प्रो. आशु रानी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कॉन्क्लेव के पहले दिन करीब 470 प्रतिभागियों और विजिटर्स ने सहभागिता की। प्रतिभागियों ने AI की नवीनतम तकनीकों, भविष्य की संभावनाओं और विभिन्न उद्योगों में इसके व्यावहारिक उपयोग को करीब से समझा। आयोजन में युवाओं, उद्यमियों, शिक्षाविदों और तकनीकी विशेषज्ञों की सक्रिय भागीदारी रही।
26 प्रदर्शकों ने दिखाए AI के अत्याधुनिक समाधान
कॉन्क्लेव में आयोजित AI Technology Exhibition पूरे दिन आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। इसमें 26 AI प्रदर्शकों ने रोबोटिक्स, जनरेटिव AI, स्मार्ट ऑटोमेशन, मशीन लर्निंग, इंडस्ट्री 4.0, डिजिटल सॉल्यूशंस, AI आधारित स्टार्टअप और छात्र नवाचार परियोजनियों का प्रदर्शन किया। लाइव डेमो के माध्यम से अत्याधुनिक तकनीकों की कार्यप्रणाली दिखाई गई, जिसे प्रतिभागियों ने विशेष रुचि के साथ देखा।
कुलपति प्रो. आशु रानी ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए विभिन्न संस्थानों और स्टार्टअप्स द्वारा विकसित तकनीकी नवाचारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि Artificial Intelligence भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान की आवश्यकता है। विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे युवाओं को AI आधारित कौशल से सशक्त बनाएं, जिससे वे विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।
AI को अपनाने वाले ही करेंगे भविष्य में नेतृत्व
CCLA एवं DCFLI के चेयरमैन पूरन डावर ने स्वागत भाषण में कहा कि AI FutureReady Conclave केवल तकनीक का सम्मेलन नहीं, बल्कि भारत के भविष्य का रोडमैप है। उन्होंने कहा कि Artificial Intelligence आने वाले समय में आर्थिक और औद्योगिक बदलाव का महत्वपूर्ण माध्यम बनने जा रही है।
उन्होंने कहा कि AI मनुष्य का विकल्प नहीं, बल्कि उसकी क्षमताओं का विस्तार है। जो लोग AI को अपनाएंगे, वे आने वाले समय में नेतृत्व की भूमिका में होंगे। इसलिए AI को केवल समझने तक सीमित न रखकर इसे जीवन, व्यवसाय और कार्यक्षेत्र का हिस्सा बनाना जरूरी है।
AI को उद्योग और शिक्षा से जोड़ने पर जोर
AI Advisory Council के चेयरमैन स्क्वाड्रन लीडर ए.के. सिंह ने कहा कि AI भारत की अगली औद्योगिक क्रांति का आधार बन सकती है। ऐसे आयोजन उद्योग, शिक्षा और सरकार के बीच सहयोग को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सिल्वर ग्रुप के प्रेसिडेंट एवं AI विशेषज्ञ पवन कक्कड़ ने कहा कि AI उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने और वैश्विक बाजार तक पहुंच बनाने का प्रभावी माध्यम है। वहीं HabileLabs के CEO एवं AI विशेषज्ञ अंकित धीर ने कहा कि AI अब केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि MSME, स्टार्टअप और प्रोफेशनल्स के लिए भी तेजी से सुलभ हो रही है।
CCLA के प्रदेश अध्यक्ष राजेश गर्ग ने कहा कि भारत आर्थिक आत्मनिर्भरता के नए दौर में प्रवेश कर रहा है और AI इस परिवर्तन का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी। उन्होंने कहा कि युवा AI का कौशल सीखकर केवल रोजगार पाने वाले नहीं, बल्कि नए रोजगार और अवसर पैदा करने वाले बन सकते हैं।
शारदा ग्रुप के प्रो-वाइस चेयरमैन वाईके गुप्ता ने AI आधारित शिक्षा को भविष्य की बड़ी आवश्यकता बताते हुए युवाओं को डिजिटल कौशल से लैस करने पर जोर दिया।
बैंकिंग में भी AI के बढ़ते उपयोग पर चर्चा
कार्यक्रम में AI के बैंकिंग क्षेत्र में बढ़ते इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई। भारतीय स्टेट बैंक के AGM (MSME) वरुण कपूर ने कहा कि AI आधारित बैंकिंग MSME क्षेत्र के लिए तेज, सुरक्षित और प्रभावी वित्तीय सेवाओं का नया अवसर लेकर आ रही है। पंजाब नेशनल बैंक की महाप्रबंधक मंजू मित्तल ने डिजिटल बैंकिंग और AI के समन्वय से उद्यमियों के लिए पैदा हो रहे नए अवसरों पर प्रकाश डाला।
डॉ. सुशील गुप्ता, डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा और जेपी पैलेस होटल के वाइस प्रेसिडेंट हरी सुकुमार ने AI के नैतिक और जिम्मेदार उपयोग पर जोर दिया।
तकनीकी सत्रों में उद्योग से रोजगार तक मंथन
कॉन्क्लेव के विभिन्न तकनीकी सत्रों और पैनल चर्चाओं में उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, बैंकिंग, पर्यटन, साइबर सुरक्षा, स्टार्टअप और भविष्य के रोजगार जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से संवाद कर AI के व्यावहारिक उपयोग और भविष्य की संभावनाओं को समझा।
कार्यक्रम का संचालन FIEO उत्तर प्रदेश चैप्टर के अलोक श्रीवास्तव ने किया। विभिन्न तकनीकी सत्रों और पैनल चर्चाओं का संचालन AI विशेषज्ञ सौरभ मंचंदा ने मॉडरेटर के रूप में किया।
दूसरे दिन केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद होंगे मुख्य अतिथि
आयोजकों के अनुसार कॉन्क्लेव के दूसरे दिन भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वहीं IndiaAI Mission के निदेशक आईएएस मोहम्मद वाई. सफीरुल्ला भारत सरकार के AI विजन, रोडमैप और भविष्य की रणनीति पर विशेष Keynote Address देंगे।
दूसरे दिन सुबह 10 बजे से तकनीकी सत्र और AI Exhibition शुरू होगी। कार्यक्रम का समापन शाम चार बजे किया जाएगा।
कार्यक्रम में एफमेक उपाध्यक्ष राजेश सहगल, नेशनल चैंबर अध्यक्ष मनोज बंसल, उपाध्यक्ष अंबा प्रसाद गर्ग, लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय सचिव दीपक अग्रवाल, टूरिज्म गिल्ड के अध्यक्ष अमूल्य कक्कड़, सीएस अनुज अशोक अग्रवाल, अमित मोरियानी, रेडीमेड गारमेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आरके नैय्यर, कुलदीप ठाकुर, डॉ. तरुण शर्मा, डॉ. रजनीश त्यागी, अजय शर्मा और ब्रजेश शर्मा सहित अन्य प्रमुख लोग मौजूद रहे।