मथुरा/वृंदावन। गुरु पूर्णिमा महापर्व के पावन अवसर पर संत प्रेमानंद महाराज के करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण और भावनात्मक सूचना सामने आई है। इस वर्ष 23 जुलाई से 29 जुलाई 2026 तक संत प्रेमानंद महाराज अपने दीक्षित शरणागत शिष्यों को दर्शन देंगे। विशेष बात यह है कि पहली बार दर्शन का आयोजन श्रीहित राधा केलिकुंज के स्थान पर बेलवन स्थित यमुना विहार कुंज में किया जाएगा। श्रीहित राधा केलिकुंज परिकर की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, महाराजश्री के स्वास्थ्य की अनुकूलता को ध्यान में रखते हुए दर्शन स्थल में यह परिवर्तन किया गया है। इसके बाद से बेलवन संत प्रेमानंद महाराज के अनुयायियों के लिए आस्था और भक्ति का नया केंद्र बन गया है। देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के यहां पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
प्रतिदिन रहेगा यह कार्यक्रम
23 से 29 जुलाई तक प्रतिदिन सुबह 4:30 बजे से 5:30 बजे तक बेलवन स्थित यमुना विहार कुंज में संत प्रेमानंद महाराज अपने दीक्षित शरणागत शिष्यों को दर्शन देंगे।
इसके बाद सुबह 7:00 बजे से 10:00 बजे तक श्रीहित राधा केलिकुंज में गुरु चरण पादुका पूजन का आयोजन होगा।
वहीं सायंकाल 3:30 बजे से 6:30 बजे तक श्रीवृंदावन महिमा एवं निकुंज लीला पर आधारित दिव्य सत्संग, संध्या आरती और नाम संकीर्तन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालु भक्ति रस का आनंद ले सकेंगे।
किस दिन किस राज्य के शिष्यों को मिलेगा दर्शन
परिकर की ओर से दर्शन व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने के लिए राज्यों के अनुसार तिथियां निर्धारित की गई हैं—
23 जुलाई: एनसीआर, हरियाणा और कर्नाटक के दीक्षित शिष्य
24 जुलाई: दिल्ली, गुजरात, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, आंध्र प्रदेश और केरल
25 जुलाई: पंजाब, मध्य प्रदेश और झारखंड
26 जुलाई: उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के दीक्षित शिष्य
27 जुलाई: बिहार, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, ओडिशा, असम और तेलंगाना
28 जुलाई: वृंदावनवासी शिष्य परिकर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और गोवा
29 जुलाई: विरक्त परिकर को श्रीहित राधा केलिकुंज में महाराजश्री के पूजन एवं दर्शन का विशेष अवसर प्राप्त होगा।
श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल
गुरु पूर्णिमा पर्व पर संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन को लेकर देश-विदेश में बसे उनके शिष्यों और श्रद्धालुओं में गहरा उत्साह है। हर वर्ष लाखों भक्त इस अवसर का इंतजार करते हैं। इस बार दर्शन स्थल में बदलाव के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं है। माना जा रहा है कि बेलवन आने वाले दिनों में संत प्रेमानंद महाराज के भक्तों के लिए एक नए आध्यात्मिक तीर्थ के रूप में स्थापित होगा। परिकर की ओर से श्रद्धालुओं से निर्धारित तिथि के अनुसार ही दर्शन के लिए पहुंचने और आयोजन की व्यवस्थाओं में सहयोग करने की अपील की गई है, ताकि सभी भक्त शांतिपूर्ण एवं सुगम तरीके से गुरु दर्शन का लाभ प्राप्त कर सकें।