नामी कंपनी की फर्जी दवा फैक्ट्री का भंडाफोड़, कथित मास्टरमाइंड सुरेंद्र गुप्ता गिरफ्तार; कई और आरोपी पुलिस के रडार पर
आगरा। आम लोगों की सेहत के साथ कथित खिलवाड़ करने वाले नकली दवा कारोबार के खिलाफ आगरा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित सिंडिकेट पर शिकंजा कस दिया है। कोतवाली पुलिस ने एसीपी हरे कृष्णा के नेतृत्व तथा कोतवाली थाना प्रभारी भानुप्रताप सिंह के निर्देशन में कार्रवाई करते हुए सुरेंद्र गुप्ता पुत्र स्वर्गीय सुरजभान गुप्ता, निवासी 43, अमिता विहार, कर्मयोगी, थाना कमला नगर, आगरा को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर नामी दवा कंपनी के नाम पर Oxalgin DP ब्रांड की कथित नकली दवाओं का निर्माण, भंडारण और बाजार में बिक्री करने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि यह केवल एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि नकली दवा कारोबार के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की दिशा में बड़ी सफलता है।
जानकारी के अनुसार शहर में लंबे समय से नकली दवाओं की बिक्री और सप्लाई की शिकायतें मिल रही थीं। मामला सामने आने पर औषधि विभाग सक्रिय हुआ और औषधि निरीक्षक ने विस्तृत जांच शुरू की। जांच के दौरान कई ऐसे साक्ष्य सामने आए, जिनसे कथित रूप से प्रतिष्ठित कंपनी की दवा Oxalgin DP के नाम पर नकली दवाएं तैयार कर बाजार में उतारे जाने की जानकारी मिली। इसके बाद औषधि निरीक्षक की तहरीर पर कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया और पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, दस्तावेजों, मुखबिर तंत्र और अन्य जानकारियों के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं। जांच में सुरेंद्र गुप्ता की कथित संलिप्तता सामने आने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस का मानना है कि उससे पूछताछ में इस पूरे नेटवर्क के कई और चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि कथित रूप से तैयार की गई नकली दवाओं का केवल निर्माण ही नहीं किया जा रहा था, बल्कि उनका भंडारण कर उन्हें विभिन्न माध्यमों से बाजार तक भी पहुंचाया जा रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह सिंडिकेट कितने समय से सक्रिय था, किन-किन मेडिकल स्टोरों, थोक विक्रेताओं और सप्लाई चैनलों तक इसकी पहुंच थी तथा कितनी मात्रा में कथित नकली दवाएं बाजार में बेची जा चुकी हैं। यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं तो यह मामला केवल आर्थिक अपराध नहीं बल्कि लोगों के स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ा बेहद गंभीर अपराध माना जाएगा। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि इस कथित कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस के अनुसार कुछ अन्य संदिग्धों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होने तक अभियान जारी रहेगा और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि दवाएं केवल अधिकृत मेडिकल स्टोर से ही खरीदें तथा दवा की पैकिंग, बैच नंबर, निर्माण तिथि, एक्सपायरी डेट और निर्माता का विवरण अवश्य जांचें। यदि किसी दवा पर संदेह हो तो तत्काल औषधि विभाग या पुलिस को सूचना दें, ताकि लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले ऐसे तत्वों के खिलाफ समय रहते कार्रवाई की जा सके। इस कार्रवाई में एसीपी हरे कृष्णा के नेतृत्व में कोतवाली थाना प्रभारी भानुप्रताप सिंह एवं सेब का बाजार चौकी प्रभारी अंकित तोमर की सतत निगरानी, कुशल नेतृत्व और अथक मेहनत के साथ हेड कांस्टेबल शैलेश तथा कांस्टेबल विवेक की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस और औषधि विभाग संयुक्त रूप से मामले के प्रत्येक पहलू की गहन जांच कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।