आगरा ग्राउंड रिपोर्टर: जितेन्द्र कुशवाह
आगरा। थाना खंदौली क्षेत्र के बगलघूंसा के पास सर्राफ कारोबारी से 40 लाख रुपये की कथित लूट का मामला पुलिस जांच में पूरी तरह फर्जी निकला। गहन पड़ताल, तकनीकी साक्ष्यों और लगातार पूछताछ के बाद कारोबारी ने स्वीकार कर लिया कि उसने कर्ज के दबाव से बचने के लिए लूट की झूठी कहानी गढ़ी थी। पूरे मामले का खुलासा डीसीपी पश्चिमी आदित्य कुमार ने प्रेसवार्ता में किया। पुलिस के अनुसार, सादाबाद निवासी सर्राफ कारोबारी रामवीर पुत्र बंशीधर ने सूचना दी थी कि वह नकदी लेकर जा रहा था। इसी दौरान थाना खंदौली क्षेत्र के बगलघूंसा के पास बाइक सवार बदमाशों ने तमंचे के बल पर उससे 40 लाख रुपये से भरा बैग लूट लिया। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। कई टीमें गठित कर घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और जिलेभर में जांच शुरू कर दी गई। जांच के दौरान पुलिस को शुरुआत से ही कई ऐसे तथ्य मिले, जिन्होंने कथित लूट की कहानी पर सवाल खड़े कर दिए। पुलिस ने पाया कि घटना के बाद कारोबारी ने न तो तत्काल डायल-112 पर फोन किया और न ही स्थानीय थाना पुलिस को सूचना दी। उसने पहले अपने परिजनों को मौके पर बुलाया और उनके पहुंचने के बाद पुलिस को जानकारी दी। इस असामान्य व्यवहार ने जांच का रुख बदल दिया। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, कारोबारी के पूरे रूट की पड़ताल की, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) का विश्लेषण किया और अन्य तकनीकी साक्ष्य जुटाए। पूछताछ के दौरान कारोबारी बार-बार अपने बयान बदलता रहा, जिससे पुलिस का संदेह और गहरा होता गया।
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने उस बैग को भी बरामद कर लिया, जिसे लूटा हुआ बताया गया था। इसके बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की गई पूछताछ में कारोबारी टूट गया और उसने पूरी सच्चाई स्वीकार कर ली। उसने बताया कि उस पर करीब 60 लाख रुपये का कर्ज था। आर्थिक दबाव और कर्ज से बचने के लिए उसने 40 लाख रुपये की फर्जी लूट की साजिश रची, ताकि लोगों और पुलिस को गुमराह किया जा सके।
डीसीपी पश्चिमी आदित्य कुमार ने बताया कि पुलिस ने मामले की हर पहलू से वैज्ञानिक एवं तकनीकी तरीके से जांच की। सभी साक्ष्यों से स्पष्ट हो गया कि लूट की कोई घटना हुई ही नहीं थी। कारोबारी ने स्वयं झूठी सूचना देने की बात स्वीकार की है। उसके खिलाफ पुलिस को गुमराह करने, झूठी सूचना देकर सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग करने तथा अन्य संबंधित धाराओं में विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी जांच से कुछ ही घंटों में उस कथित लूटकांड का पर्दाफाश हो गया, जिसने पूरे जिले में सनसनी फैला दी थी। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस साजिश में कारोबारी के साथ कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।