Hindi News / Uncategorized / आगरा

बारिश में फिर उजागर हुई लापरवाही! नाले पर बनी दुकान ढही, चार लोगों को बचाया गया, एक महिला की तलाश जारी… आखिर कब हटेंगे मौत बन चुके अवैध और जर्जर निर्माण?

Article Top Ad

आगरा। लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर शहर में नालों के ऊपर बने जर्जर निर्माणों की हकीकत सामने ला दी। बुधवार को थाना मंटोला क्षेत्र के सुभाष बाजार में नाले के ऊपर बनी एक साड़ी की दुकान अचानक भरभराकर ढह गई। हादसे के समय दुकान के अंदर मौजूद लोग मलबे में दब गए। सूचना मिलते ही थाना मंटोला पुलिस, फायर सर्विस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। रेस्क्यू अभियान के दौरान मलबे में फंसे चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस के अनुसार, मलबे में एक अन्य महिला के फंसे होने की आशंका के चलते देर शाम तक बचाव अभियान जारी रहा। मौके पर जेसीबी मशीनों और अन्य उपकरणों की मदद से मलबा हटाया गया, जबकि बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस उपायुक्त नगर सय्यद अली अब्बास समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्यों का निरीक्षण किया और संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए। पुलिस का कहना है कि प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना है।

पहले भी मिल चुकी थी चेतावनी

इस हादसे ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि नाले के ऊपर बनी दुकानों और प्लेटफॉर्म में काफी समय से दरारें पड़ चुकी थीं। इसे लेकर नगर निगम को लिखित शिकायत भी दी गई थी। शिकायत में स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि बरसात के मौसम में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है और दुकानों का पुनर्निर्माण कराया जाए। व्यापारियों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे

सुभाष बाजार ही नहीं, शहर के कई हिस्सों में नालों के ऊपर बनी दुकानें और मकान वर्षों से लोगों की जान पर खतरा बने हुए हैं। हर बरसात में कहीं दीवार गिरने, कहीं छज्जा ढहने और कहीं दुकान धंसने जैसी घटनाएं सामने आती हैं, लेकिन हादसों के बाद कुछ दिनों की कार्रवाई और बैठकों के अलावा स्थायी समाधान नजर नहीं आता।

कब होगी कार्रवाई?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर नालों के ऊपर बने जर्जर और खतरनाक निर्माणों के खिलाफ व्यापक अभियान कब चलेगा? क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे और जनहानि का इंतजार कर रहा है? यदि पहले से चेतावनी और शिकायतें मौजूद थीं, तो उनकी अनदेखी क्यों की गई? इन सवालों के जवाब अब प्रशासन और संबंधित विभागों को देने होंगे। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि शहर में नालों के ऊपर बने सभी जर्जर दुकानों और मकानों का तत्काल सर्वे कराया जाए। जो निर्माण खतरनाक स्थिति में हैं, उन्हें चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े। फिलहाल सुभाष बाजार में राहत एवं बचाव कार्य जारी है। पुलिस और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं तथा मलबे में फंसी महिला की तलाश के लिए अभियान चलाया जा रहा है।

agranewsnetwork को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →On Google