Hindi News / आगरा / उत्तरप्रदेश

10 करोड़ का बुद्धा पार्क पहली बारिश में बेनकाब! बाउंड्रीवाल गिरी, रातों-रात JCB से हटाने का वीडियो वायरल

Article Top Ad

आगरा। कालिंदी विहार 100 फुटा रोड स्थित करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे बुद्धा पार्क में निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उद्घाटन से पहले ही पार्क की बाउंड्रीवाल पहली ही बारिश में गिर गई, कई जगहों पर दरारें आ गईं और बिजली के पोल भी झुक गए। इतना ही नहीं, रातों-रात जेसीबी से गिरी हुई बाउंड्रीवाल का मलबा हटाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है। नगर निगम प्रशासन शहर के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का सुंदरीकरण करा रहा है। पार्क में गौतम बुद्ध की आधा दर्जन से अधिक प्रतिमाएं स्थापित की जा रही हैं और निर्माण का कार्य एके एंटरप्राइजेज द्वारा कराया जा रहा है। लेकिन लगातार हुई बारिश ने करोड़ों रुपये के इस निर्माण की गुणवत्ता की पोल खोल दी।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण के दौरान मिट्टी को सही तरीके से नहीं बैठाया गया और कटाव रोकने के लिए आवश्यक तकनीकी इंतजाम भी नहीं किए गए। बारिश होते ही मिट्टी खिसक गई, जिससे बाउंड्रीवाल पहले झुकी और फिर कई हिस्सों में गिर गई। इसके साथ ही तीन बिजली के पोल भी टेढ़े होकर दीवार पर टिक गए। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण मानकों के अनुसार हुआ होता तो पहली ही बारिश में यह स्थिति नहीं बनती। मामले को और गंभीर तब माना गया जब गिरी हुई बाउंड्रीवाल को रातों-रात जेसीबी से हटाने का वीडियो वायरल हो गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सबूत मिटाने की कोशिश की गई, जबकि पहले निर्माण की गुणवत्ता की जांच होनी चाहिए थी। वीडियो वायरल होने के बाद नगर निगम और निर्माण एजेंसी की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।

क्षेत्रीय निवासी जितेंद्र कुमार, सुबोध कुमार और अनुपम गुप्ता ने निर्माण में घटिया सामग्री इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए दोषी इंजीनियरों और ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जनता के टैक्स के करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद पहली ही बारिश में परियोजना की यह हालत बेहद शर्मनाक है। नगर निगम के कार्यवाहक मुख्य अभियंता अरविंद कुमार ने स्वीकार किया कि बारिश के कारण बाउंड्रीवाल और बिजली के पोल प्रभावित हुए हैं। उन्होंने बताया कि गिरी हुई बाउंड्रीवाल को तोड़कर दोबारा बनाया जाएगा और झुके हुए पोल भी फिर से लगाए जाएंगे। इसका पूरा खर्च निर्माणदायी एजेंसी को उठाना होगा। इस परियोजना से जुड़े पूर्व अवर अभियंता ललित अग्रवाल, वर्तमान अवर अभियंता हरीओम, सहायक अभियंता जीवेक सोनी और निर्माणदायी एजेंसी एके एंटरप्राइजेज की भूमिका भी अब सवालों के घेरे में है। वहीं नगरायुक्त संतोष कुमार ने पूरे मामले की रिपोर्ट तलब करते हुए जांच के निर्देश दिए हैं।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या केवल बाउंड्रीवाल दोबारा बनाकर करोड़ों रुपये की इस परियोजना में हुई कथित लापरवाही पर पर्दा डाल दिया जाएगा, या फिर घटिया निर्माण के जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर भी सख्त कार्रवाई होगी? पहली ही बारिश में ढही इस परियोजना ने नगर निगम की गुणवत्ता निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

agranewsnetwork को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →On Google