आगरा। अक्सर जब किसी का मोबाइल फोन गुम हो जाता है तो उसके साथ सिर्फ एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं, बल्कि उसमें कैद वर्षों की यादें, जरूरी दस्तावेज, बैंकिंग ऐप, कारोबार से जुड़ी अहम जानकारी और अनगिनत निजी पल भी खो जाते हैं। अधिकांश लोग यह सोचकर उम्मीद छोड़ देते हैं कि अब उनका मोबाइल कभी वापस नहीं मिलेगा। लेकिन कमिश्नरेट आगरा पुलिस ने एक बार फिर साबित कर दिया कि आधुनिक तकनीक, सतर्क निगरानी और मजबूत पुलिसिंग के सामने अपराधियों की चाल ज्यादा देर तक नहीं चल सकती। पिछले दो महीनों में गुम हुए 230 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, जिनकी अनुमानित कीमत 57 लाख 50 हजार रुपये है, उन्हें खोजकर उनके असली मालिकों को वापस सौंप दिया गया।
यह बड़ी सफलता पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट आगरा के निर्देशन में पुलिस उपायुक्त नगर श्री सय्यद अली अब्बास के कुशल नेतृत्व तथा नगर जोन की सीसीटीएनएस सेल और सर्विलांस सेल की लगातार तकनीकी मेहनत का परिणाम है। भारत सरकार के CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल का उपयोग करते हुए उन सभी मोबाइल फोन की डिजिटल ट्रैकिंग की गई, जिनकी गुमशुदगी की सूचना अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दर्ज कराई गई थी।
थानों के CCTNS कार्यालयों में नियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटरों ने CEIR पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का गहन परीक्षण किया। इसके बाद पोर्टल से प्राप्त ट्रेसेबिलिटी डिटेल, IMEI नंबर, मोबाइल में उपयोग किए गए नए सिम कार्ड और उनकी लोकेशन के आधार पर सर्विलांस टीम ने लगातार निगरानी की। तकनीकी विश्लेषण और फील्ड टीम की सक्रियता के चलते एक-एक कर सभी 230 मोबाइल फोन बरामद कर लिए गए। बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 57.50 लाख रुपये आंकी गई है।
मोबाइल बरामद होने के बाद जब पुलिस उपायुक्त नगर श्री सय्यद अली अब्बास ने उन्हें उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपा तो पुलिस कार्यालय में खुशी का माहौल देखने को मिला। कई लोगों के चेहरों पर महीनों बाद मुस्कान लौट आई। किसी ने कहा कि मोबाइल में परिवार की अनमोल तस्वीरें थीं, तो किसी ने बताया कि उसी फोन के जरिए उसका पूरा कारोबार संचालित होता था। कई लोगों ने भावुक होकर कहा कि उन्हें अपने मोबाइल के वापस मिलने की बिल्कुल उम्मीद नहीं थी, लेकिन आगरा पुलिस ने उनकी उम्मीद को हकीकत में बदल दिया।
पुलिस उपायुक्त नगर सय्यद अली अब्बास ने बताया कि भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया CEIR पोर्टल गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन की ट्रैकिंग में बेहद प्रभावी साबित हो रहा है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि किसी का मोबाइल गुम हो जाए तो वह बिना देर किए संबंधित थाने में सूचना दें और CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत मिलने से मोबाइल की ट्रैकिंग और बरामदगी की संभावना काफी बढ़ जाती है।
उन्होंने कहा कि कमिश्नरेट आगरा पुलिस आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग के साथ आमजन की सुरक्षा और उनकी संपत्ति की रक्षा के लिए लगातार काम कर रही है। आने वाले समय में भी गुम और चोरी हुए मोबाइलों की बरामदगी का अभियान इसी तरह जारी रहेगा, ताकि लोगों का पुलिस पर भरोसा और अधिक मजबूत हो सके।
57.50 लाख रुपये के 230 मोबाइलों की यह बरामदगी केवल एक पुलिस कार्रवाई नहीं, बल्कि तकनीक, सतर्कता और जनता के विश्वास की ऐसी मिसाल है, जिसने यह संदेश दिया है कि अगर समय पर शिकायत दर्ज हो और पुलिस तक सही सूचना पहुंचे, तो खोई हुई अमानत फिर से अपने मालिक तक पहुंच सकती है।