डौकी, इरादतनगर, बमरौली कटारा और शमशाबाद से भैंस चोरी की वारदातें कबूलीं, मैक्स पिकअप समेत चोरी का माल बरामद
आगरा। कमिश्नरेट आगरा की डौकी पुलिस और सर्विलांस सेल (पूर्वी जोन) ने पशु चोरी करने वाले एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी चोरी की दो भैंसों को मैक्स पिकअप में भरकर एत्मादपुर पशु मंडी में बेचने जा रहे थे, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने वाजिदपुर अंडरपास के पास घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की दो भैंसें, वारदात में प्रयुक्त मैक्स पिकअप, एक कीपैड मोबाइल और 740 रुपये नकद बरामद किए हैं।
पुलिस के मुताबिक, पशु चोरी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए पुलिस आयुक्त के निर्देश पर विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि पशु चोर गिरोह चोरी की भैंसों को बेचने के लिए ले जा रहा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सुनीत शर्मा और सर्विलांस सेल पूर्वी जोन की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम दिलखुश, अफजाल, गफ्फार अली, कलुआ, चाहत अली और उल्फान उर्फ अंडी बताया। उन्होंने स्वीकार किया कि वे लंबे समय से पशु चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। गिरोह ने करीब डेढ़ महीने पहले डौकी क्षेत्र से एक भैंस और 15 दिन पहले इरादतनगर क्षेत्र से दूसरी भैंस चोरी की थी। दोनों भैंसों को बेचने के लिए एत्मादपुर मंडी ले जाया जा रहा था।
पूछताछ में आरोपियों ने यह भी खुलासा किया कि बमरौली कटारा और शमशाबाद क्षेत्र से भी एक-एक भैंस चोरी की थी। उन भैंसों को राह चलते लोगों को बेचकर रकम आपस में बांट ली गई थी। गिरोह का सदस्य गफ्फार अली वारदात के लिए मैक्स पिकअप का इंतजाम करता था। उसने पुलिस को बताया कि वाहन अपने परिचित से भैंस मंडी ले जाने का बहाना बनाकर लिया था और उसी गाड़ी का इस्तेमाल चोरी की वारदातों में किया जाता था।
पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने आगरा और आसपास के जिलों में और कितनी पशु चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ में और भी अहम खुलासे हो सकते हैं। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सुनीत शर्मा, सर्विलांस सेल पूर्वी जोन के प्रभारी उपनिरीक्षक सचिन तोमर, उपनिरीक्षक शुभम कुमार तथा उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि संगठित अपराध और पशु चोरी करने वाले गिरोहों के खिलाफ अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा।