आगरा । विश्व प्रसिद्ध ताजमहल की नगरी आगरा में विदेशी पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा के दावों पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। फ्रांस से आईं दो महिला पर्यटक कथित तौर पर ठगी का शिकार होने के बाद ताजमहल का दीदार किए बिना ही वापस लौट गईं। घटना ने पर्यटन नगरी की अंतरराष्ट्रीय छवि पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि दोनों महिला पर्यटक दिल्ली एयरपोर्ट से सीधे ताजमहल देखने आगरा पहुंची थीं। आरोप है कि उन्हें लेकर आए ड्राइवर ने पार्किंग शुल्क के नाम पर उनसे 50 अमेरिकी डॉलर वसूल लिए। बाद में जब उन्हें कथित ठगी का एहसास हुआ तो दोनों भावुक होकर रोने लगीं। मौके पर मौजूद एक गाइड ने उनसे बातचीत की, जिसके बाद पूरी घटना सामने आई।
सूचना मिलने पर पुलिस ने संबंधित ड्राइवर को पूछताछ के लिए थाने में बैठा लिया। हालांकि, इस घटना के कारण दोनों विदेशी पर्यटक ताजमहल का भ्रमण किए बिना ही वापस लौट गईं। यह घटना आगरा में “अतिथि देवो भवः” की भावना पर भी सवाल खड़े करती है। लंबे समय से पर्यटकों से पेठा, एंपोरियम, टैक्सी, गाइड और पार्किंग के नाम पर कथित ठगी की शिकायतें सामने आती रही हैं। आरोप है कि ताजमहल क्षेत्र में सक्रिय तथाकथित ‘लपके’ विदेशी और देशी पर्यटकों को घेर लेते हैं, जिससे शहर की छवि प्रभावित होती है। इस मामले ने पर्यटन पुलिस और ताज सुरक्षा पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि संवेदनशील पर्यटन क्षेत्र में आने वाले विदेशी पर्यटक भी कथित ठगी से नहीं बच पा रहे हैं, तो पर्यटन सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर गंभीर चर्चा होना स्वाभाविक है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी, लेकिन इस घटना ने यह बहस फिर तेज कर दी है कि विश्व धरोहर ताजमहल देखने आने वाले पर्यटकों को सुरक्षित और भरोसेमंद अनुभव उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी व्यवस्था कितनी जरूरी है।