स्टेशन के बाहर चली ताबड़तोड़ गोलियां, दो सिपाही घायल, खेतों में 2 घंटे चले ऑपरेशन के बाद दोनों बदमाश ढेर
फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जनपद में शुक्रवार को उस समय सनसनी फैल गई जब शिकोहाबाद रेलवे स्टेशन के बाहर दिनदहाड़े पुलिस और दो कुख्यात बदमाशों के बीच भीषण मुठभेड़ हो गई। पुलिस को देखते ही बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें इटावा एसओजी के दो सिपाही डेविड चौहान और पुष्पेंद्र गोली लगने से घायल हो गए। इसके बाद दोनों बदमाश मौके से भाग निकले और एक बच्चे से बाइक लूटकर करीब एक किलोमीटर दूर नीम खेरिया गांव के पास मक्के के खेतों में जाकर छिप गए। घटना की सूचना मिलते ही पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एडीजी, डीआईजी यमुना प्रसाद, फिरोजाबाद के एसएसपी आदित्य लांगहे समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। करीब 6 थानों की पुलिस, एसओजी और 300 से अधिक पुलिसकर्मियों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर सघन सर्च ऑपरेशन शुरू किया। खेत-खेत और मेड़-मेड़ तलाशी ली गई।
करीब दो घंटे तक चले ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने मक्के के खेत में छिपे दोनों बदमाशों को घेर लिया। पुलिस ने उन्हें आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन बदमाशों ने एक बार फिर पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने दोनों बदमाशों को मार गिराया। दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मारे गए बदमाशों की पहचान अंकित उर्फ सीटू और सुमित के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार दोनों शातिर अपराधी थे और उनके खिलाफ लूट, छिनैती, फायरिंग समेत कई गंभीर धाराओं में करीब एक दर्जन मुकदमे दर्ज थे। इनमें सुमित हिस्ट्रीशीटर भी था।
पुलिस जांच में सामने आया कि करीब 14 दिन पहले इटावा में जीएलपी हॉस्पिटल के संचालक डॉ. आर.एस. पाल से मॉर्निंग वॉक के दौरान चैन लूट की वारदात को भी इन्हीं बदमाशों ने अंजाम दिया था। उसी मामले में इटावा एसओजी लंबे समय से उनकी तलाश कर रही थी। तकनीकी सर्विलांस के जरिए सूचना मिली थी कि दोनों संबलपुर एक्सप्रेस से प्रदेश छोड़कर भागने की फिराक में हैं। इसी सूचना पर एसओजी की टीम शुक्रवार सुबह करीब 11:45 बजे शिकोहाबाद रेलवे स्टेशन पहुंची। स्टेशन पर पुलिस को देखते ही दोनों बदमाश ट्रेन से उतरकर भागने लगे। पीछा करने पर उन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिससे दो सिपाही घायल हो गए। इसके बाद बदमाशों ने भागते समय एक बच्चे से उसकी बाइक छीन ली और खेतों की ओर फरार हो गए। पुलिस ने उनका लगातार पीछा किया और पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी।
डीआईजी यमुना प्रसाद ने बताया कि दोनों आरोपी कई दिनों से लगातार आपराधिक वारदातों को अंजाम दे रहे थे और इटावा पुलिस की टीमें लंबे समय से उनका पीछा कर रही थीं। तकनीकी निगरानी के आधार पर उनकी लोकेशन मिली थी। पुलिस ने उन्हें आत्मसमर्पण का मौका दिया, लेकिन उन्होंने दोबारा फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाश मारे गए।
फिलहाल पुलिस ने दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। घटनास्थल से हथियार और अन्य साक्ष्य बरामद किए गए हैं। घायल पुलिसकर्मियों का इलाज जारी है। पूरे घटनाक्रम की जांच के साथ बदमाशों के अन्य आपराधिक मामलों की भी पड़ताल की जा रही है। दिनदहाड़े हुई इस मुठभेड़ के बाद शिकोहाबाद और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता बढ़ा दी गई है।