आगरा/बुलंदशहर। बुलंदशहर में तैनात आगरा निवासी सिपाही सुधीर सिंह (25 बैच) की संदिग्ध परिस्थितियों में सरकारी राइफल से खुद को गोली मारकर मौत होने का मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है। घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। वहीं, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक कथित ऑडियो ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, वायरल ऑडियो की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि सिपाही सुधीर सिंह बुलंदशहर में फैंटम ड्यूटी पर तैनात थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उन्होंने सरकारी राइफल से ठोड़ी पर गोली मार ली। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। मामले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो वायरल हुआ, जिसमें छुट्टी न मिलने और प्रताड़ना जैसे आरोपों की चर्चा की जा रही है। ऑडियो में SHO और मुंशी पर भी आरोप लगाए गए हैं। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल ऑडियो और उससे जुड़े सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच की जाएगी तथा जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
इधर, जैसे ही सिपाही सुधीर सिंह का शव उनके पैतृक गांव आगरा पहुंचा, पूरा गांव शोक में डूब गया। घर के बाहर परिजनों की चीख-पुकार और महिलाओं के विलाप से माहौल बेहद गमगीन हो गया। मां-बाप, पत्नी और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। गांव में सन्नाटा पसरा रहा और अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। हर आंख नम थी और हर कोई इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध दिखाई दिया। ग्रामीणों का कहना है कि सुधीर सिंह पिछले कुछ समय से पेट दर्द से परेशान थे। लोगों का आरोप है कि यदि उनकी परेशानी को समय रहते गंभीरता से लिया जाता और आवश्यक छुट्टी मिल जाती, तो शायद आज यह दुखद घटना नहीं होती। हालांकि इन दावों की भी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, सरकारी राइफल, मोबाइल फोन, वायरल ऑडियो और अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस दर्दनाक घटना ने पुलिसकर्मियों के कार्यस्थल के तनाव, मानसिक स्वास्थ्य, अवकाश व्यवस्था और कार्य परिस्थितियों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजन और ग्रामीण मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।