फतेहपुर सीकरी।
विश्व धरोहर नगरी फतेहपुर सीकरी में कथित अवैध कब्जे और निर्माण का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आरोप है कि ASI के प्रतिबंधित क्षेत्र के साथ नगर पालिका की जमीन पर भी कब्जा कर निर्माण कर दिया गया है, लेकिन शिकायत के बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है और ASI की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार दरगाह परिसर से महज करीब 10 मीटर की दूरी पर मियां के पास ऐतिहासिक स्मारक की दीवार से सटाकर टीन शेड खड़ा कर दिया गया है। आरोप है कि यह निर्माण नियमों की अनदेखी करते हुए किया गया। लोगों का कहना है कि जिस क्षेत्र में स्मारकों की सुरक्षा के लिए सख्त नियम लागू हैं, वहां इस तरह का निर्माण होना गंभीर विषय है।
इसके अलावा नगर पालिका की पुरानी पानी की टंकी पर गाटर लगाकर कथित रूप से कब्जा किए जाने का भी आरोप है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मामले की शिकायत ASI के उच्च अधिकारियों से कई बार की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद अवैध टीन शेड अभी तक नहीं हटाया गया। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि शिकायतों के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने से क्यों बच रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्मारक की दीवार के बेहद करीब निर्माण होने से ऐतिहासिक धरोहर की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। कुछ लोगों ने निर्माण के दौरान स्मारक को नुकसान पहुंचाए जाने की आशंका भी जताई है। हालांकि इन आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर ASI संरक्षित क्षेत्र और सरकारी जमीन पर कथित कब्जे की शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होगी तो नियमों का पालन कौन कराएगा? क्या अवैध निर्माण हटाने के लिए किसी बड़े विवाद या नुकसान का इंतजार किया जा रहा है? स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्रवाई में देरी से ऐसे कब्जों को बढ़ावा मिल सकता है।
स्थानीय नागरिकों ने ASI और जिला प्रशासन से मौके का तत्काल निरीक्षण कराकर पूरे मामले की जांच, अवैध निर्माण हटाने और सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि फतेहपुर सीकरी विश्व धरोहर है और इसकी ऐतिहासिक संपत्तियों की सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।
अब देखना यह है कि ASI और जिला प्रशासन इस मामले में मौके पर कार्रवाई करते हैं या मामला शिकायतों और कागजी कार्रवाई तक ही सीमित रहता है।