मथुरा। साइबर अपराध के बढ़ते नेटवर्क पर करारा प्रहार करते हुए मथुरा पुलिस ने मंगलवार सुबह बड़े स्तर पर विशेष अभियान चलाया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार के नेतृत्व में जिले के चिन्हित साइबर क्राइम हॉटस्पॉट गांवों में तड़के पांच बजे से एक साथ छापेमारी की गई। इस अभियान में 16 थानों की पुलिस, दो कंपनी पीएसी और करीब 300 पुलिसकर्मियों ने हिस्सा लिया। कार्रवाई के दौरान 100 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई है। पुलिस के अनुसार, डीजीपी के निर्देश पर जनपद में साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में साइबर ठगी के लिए चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान कर एक साथ कई टीमों को रवाना किया गया। पुलिस ने कोसीकलां क्षेत्र के उटावड़, शेरगढ़ थाना क्षेत्र के जंघावली, बरसाना के हाथिया तथा गोवर्धन के देवरस गांव में एक साथ दबिश दी। अचानक भारी पुलिस बल पहुंचने से गांवों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
छापेमारी से पहले पुलिस ने गांवों के प्रमुख रास्तों की घेराबंदी कर दी, ताकि कोई संदिग्ध मौके से फरार न हो सके। अभियान के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों के मोबाइल फोन, दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण कब्जे में लेकर उनकी जांच शुरू की गई। साथ ही बैंक खातों के लेन-देन और साइबर ठगी से जुड़े संभावित वित्तीय नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि यह अभियान अभी जारी है और पुलिस टीमें लगातार अलग-अलग थाना क्षेत्रों के चिन्हित गांवों में कार्रवाई कर रही हैं। सुबह पांच बजे से शुरू हुई इस कार्रवाई में ड्रोन कैमरों और अन्य आधुनिक तकनीकी संसाधनों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। पुलिस को जहां-जहां से डिजिटल साक्ष्य और संदिग्ध सामग्री मिल रही है, उसे कब्जे में लेकर जांच की जा रही है।
उन्होंने कहा कि फिलहाल कई लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। जांच के दौरान जिन लोगों की साइबर अपराध में संलिप्तता सामने आएगी, उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गिरफ्तार किए जाने वाले आरोपियों और बरामदगी का विस्तृत विवरण जांच पूरी होने के बाद सार्वजनिक किया जाएगा। मथुरा पुलिस का यह अभियान जिले में सक्रिय साइबर ठगी के संगठित नेटवर्क पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और ऐसे हॉटस्पॉट क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी, ताकि लोगों के साथ ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोहों की कमर तोड़ी जा सके।