सुलह की पंचायत भी नहीं बचा सकी रिश्ता, 40 रुपये का चाकू खरीदकर लौटा पति और पत्नी पर बरसा दिए कई वार
आगरा। ताजगंज थाना क्षेत्र की पुरानी सब्जी मंडी स्थित कुम्हारों के मोहल्ले में मंगलवार को घटी एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। 21 वर्षों तक साथ निभाने की कसमें खाने वाला पति आखिरकार अपनी ही पत्नी का कातिल बन बैठा। पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद का अंत खून-खराबे में हुआ और एक परिवार पलभर में बिखर गया। इस घटना ने न सिर्फ दो मासूम बच्चों के सिर से मां का साया छीन लिया, बल्कि यह भी सोचने पर मजबूर कर दिया कि आखिर रिश्तों में संवाद, धैर्य और विश्वास क्यों खत्म होता जा रहा है। मृतका कुंती की शादी करीब 21 वर्ष पहले डौकी थाना क्षेत्र के नौमील पवा वाली निवासी रणबीर उर्फ रानो से हुई थी। दोनों के 14 वर्षीय बेटे और 13 वर्षीय बेटी हैं। शुरुआती वर्षों में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन समय के साथ पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ता चला गया। घरेलू कलह इतनी बढ़ गई कि करीब आठ महीने पहले कुंती अपने मायके, पुरानी सब्जी मंडी स्थित कालीचरण हलवाई के घर आकर रहने लगी थी। परिवार के लोगों ने कई बार दोनों के बीच समझौता कराने की कोशिश की, लेकिन हर प्रयास नाकाम साबित हुआ।
मंगलवार सुबह भी दोनों परिवारों के लोग एक बार फिर रिश्ते को बचाने की उम्मीद लेकर आमने-सामने बैठे। पंचायत हुई, समझाइश दी गई और रिश्ते को दोबारा जोड़ने का प्रयास किया गया। लेकिन बातचीत के दौरान माहौल बिगड़ गया। कहा जा रहा है कि कहासुनी के बीच कुंती ने रणबीर के गाल पर दो थप्पड़ मार दिए। इसके बाद रणबीर अपने पिता के साथ वहां से चला गया। उस समय किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि यह मामूली लगने वाला विवाद कुछ घंटों बाद इतनी बड़ी त्रासदी में बदल जाएगा। बताया जा रहा है कि रणबीर अपने पिता को घर छोड़ने के बाद रास्ते में करीब 40 रुपये का चाकू खरीदकर दोबारा ससुराल पहुंचा। शाम करीब चार बजे वह सीधे उस कमरे में पहुंचा, जहां कुंती मौजूद थी। आरोप है कि उसने कुंती को कमरे से घसीटकर बरामदे में लाया और गुस्से में लगातार कई बार चाकू से हमला कर दिया। चाकू के वार इतने गंभीर थे कि कुंती खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ी। उसकी चीख-पुकार सुनकर परिजन और आसपास के लोग दौड़े। लोगों ने किसी तरह आरोपी को पकड़ लिया, जबकि गंभीर रूप से घायल कुंती को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने उसे बचाने की भरसक कोशिश की, लेकिन कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही ताजगंज डिवीजन चौकी पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने आरोपी रणबीर उर्फ रानो को हिरासत में लेकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए। हत्या में प्रयुक्त चाकू सहित अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। इस हृदयविदारक घटना के बाद पुरानी सब्जी मंडी क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल है। मोहल्ले के लोग अभी भी इस बात पर विश्वास नहीं कर पा रहे कि जिस परिवार को वे वर्षों से साथ देखते आए थे, उसी परिवार का अंत इतनी दर्दनाक घटना में होगा। सबसे अधिक चर्चा उन दो मासूम बच्चों की हो रही है, जिनकी जिंदगी एक ही दिन में पूरी तरह बदल गई। मां हमेशा के लिए दुनिया छोड़ गई और पिता अब कानून की गिरफ्त में है। दोनों बच्चों के भविष्य को लेकर हर किसी की आंखें नम हैं।
रिश्तों पर सवाल खड़े करती यह घटना…
यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि आधुनिक समाज के बदलते पारिवारिक ढांचे पर भी बड़ा सवाल है। कभी परिवारों में छोटे-बड़े विवादों को बड़े-बुजुर्ग बैठकर सुलझा दिया करते थे। नाराजगी को समझाइश और अपनापन खत्म कर देता था। लेकिन आज रिश्ते अक्सर मोबाइल की स्क्रीन, अहंकार और संवादहीनता के बीच कैद होकर रह गए हैं। छोटी-छोटी बातों पर बढ़ता तनाव कई बार ऐसे खौफनाक अपराधों का रूप ले लेता है, जिनकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। आज समाज में आए दिन ऐसी खबरें सामने आ रही हैं—कहीं पति पत्नी की हत्या कर देता है, तो कहीं पत्नी पति की जान ले लेती है। सवाल यह नहीं कि गलती किसकी थी, बल्कि सवाल यह है कि आखिर रिश्ते इतने कमजोर क्यों हो गए हैं कि बातचीत की जगह हिंसा ने ले ली है। गुस्से के कुछ पल जिंदगी भर का पछतावा बन जाते हैं और सबसे बड़ी सजा उन मासूम बच्चों को मिलती है, जिनका इन विवादों से कोई लेना-देना नहीं होता।
हर परिवार में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन यदि समय रहते संवाद, धैर्य और समझदारी से उन्हें सुलझाया जाए तो न जाने कितने घर उजड़ने से बच सकते हैं। एक पल का आवेश, एक गलत फैसला और एक हथियार… पूरी जिंदगी तबाह कर देता है। यह घटना हर परिवार के लिए एक चेतावनी भी है कि रिश्तों को बचाने के लिए संवाद जरूरी है, क्योंकि जब रिश्ते टूटते हैं तो केवल दो लोग नहीं, बल्कि पूरा परिवार बिखर जाता है।